प्रिय ताऊजी और ताईजी के लिए
छोटी सी ताई को ब्याह कर, जब ताऊजी घर में लाये
सारे लोग उन्हें देखकर, मुह दबाकर मुस्कुराये!
इतने लम्बे ताऊजी, और इतनी छोटी ताई,
साथ चलेंगी कैसे वो, और बांधेंगी कैसे tie!
सबने पूछा ताऊजी से, ताई आपको कैसे भाईं?
बोले, " परदे के पीछे से वो अपने, सुन्दर पाँव दिखायीं,
छोटे नाज़ुक पाँव देखकर हम तो बस ललचाये,
औए इन्हें ही ताई बनाकर अपने घर ले आये!"
ताईजी ने ताऊ के संग सारे धरम निभाए,
अम्मा की बहु, भाई- बहनों की माँ बनकर घर को,
चार चाँद लगाये!
उस घर में सर्वेश- मुकेश से दो- दो दीप जलाये,
जूली, ऋचा, शोभित, अभिनव,
पर भी लाड लुटाये!
सबके सर पर छाया बनकर, सारे कष्ट उठाये,
हम सबकी जीवन बगिया में, माली बनकर वो तो आये!
त्याग, तपस्या और संयम, यह
आपने ही तो हमें सिखाये!
बस दीजिये हमें यही आशीष,
आपकी दिखाई राह पर हम सब
यूँही हमेशा चलते जाएँ!
आपकी बेटी
शुभ्रा
Feb 2'2011
छोटी सी ताई को ब्याह कर, जब ताऊजी घर में लाये
सारे लोग उन्हें देखकर, मुह दबाकर मुस्कुराये!
इतने लम्बे ताऊजी, और इतनी छोटी ताई,
साथ चलेंगी कैसे वो, और बांधेंगी कैसे tie!
सबने पूछा ताऊजी से, ताई आपको कैसे भाईं?
बोले, " परदे के पीछे से वो अपने, सुन्दर पाँव दिखायीं,
छोटे नाज़ुक पाँव देखकर हम तो बस ललचाये,
औए इन्हें ही ताई बनाकर अपने घर ले आये!"
ताईजी ने ताऊ के संग सारे धरम निभाए,
अम्मा की बहु, भाई- बहनों की माँ बनकर घर को,
चार चाँद लगाये!
उस घर में सर्वेश- मुकेश से दो- दो दीप जलाये,
जूली, ऋचा, शोभित, अभिनव,
पर भी लाड लुटाये!
सबके सर पर छाया बनकर, सारे कष्ट उठाये,
हम सबकी जीवन बगिया में, माली बनकर वो तो आये!
त्याग, तपस्या और संयम, यह
आपने ही तो हमें सिखाये!
बस दीजिये हमें यही आशीष,
आपकी दिखाई राह पर हम सब
यूँही हमेशा चलते जाएँ!
आपकी बेटी
शुभ्रा
Feb 2'2011